संक्षिप्त विवरण
भीमबेटका की गुफ़ाएँ मध्यभारत के पठार के दक्षिणी किनारे पर विंध्य पर्वत श्रृंखला के निचली पहाड़ियों पर स्थित है. सघन वन से ऊपर, धरती के बाहर निकले हुए इस विशाल बुलआ पत्थर में, प्राकृतिक रूप से बनी गुफ़ाओं के पाँच समूह हैं, इनमें मध्यपाषाण युग से लेकर ऐतिहासिक काल तक के चित्र बने हैं. इस स्थल के आस-पास के लगभग इक्कीस गाँवों के निवासियों की सांस्कृतिक परंपराओं और इन शैल चित्रों में बहुत समानता है.
शिलालेख का व्यवस्थापन
मापदंड (iii): जैसा कि शैल चित्रों की संख्या और गुणवत्ता में दर्शाया गया है, भीमबेटका लोगों और परिवेश के बीच लंबे संबंध बताता है.
मापदंड (v): जैसा कि शैल चित्रों में बताया गया है भीमबेटका एक शिकार और संग्रहण आधारित अर्थव्यवस्था से संबंद्ध है और यह परंपरा इस स्थान के आदिवासी गाँवों कमोबेश अब भी देखी जा सकती है. |